बच्चों को दिए जाने वाले कुछ तरल आहार
जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है तो उसके पश्चात उसके पोषण हेतु मां का दूध पर्याप्त नहीं होता है, और उसके अपर्यता को पूर्ण करने के लिए बच्चों को धीरे-धीरे कुछ अन्य तरल खाद्य पदार्थों को देना शुरू करना चाहिए। जिससे उनका पूर्ण पोषण पोषण हो सके। और उनके स्वास्थ्य पर कोई हानिकारक प्रभाव भी ना पड़े । वैसे तो बाजार में अनेक तरह के तरल डब्बा बंद भोज्य पदार्थ मिलते हैं किंतु वह बच्चों के स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभप्रद नहीं होते हैं ।अतः घर में मौजूद सब्जियों दालों अनाज आदि से अनेक प्रकार के तरल आहार को बनाया जा सकता है ।जो बच्चों के लिए पूर्णतः लाभ प्रद तथा पूर्ण पोषण हेतु आवश्यक होते हैं। कुछ तरल भोज पदार्थ बनाने की विधि या कुछ तरल भोज्य पदार्थ निम्न प्रकार के हैं ।
1: दाल का पानी — घर में बनने वाले दाल जैसे मूंग दाल, अरहर दाल, मसूर दाल आदि को सामान्यतः नमक, हल्दी और थोड़ी सी हींग डालकर पका ले ,और उसमें ऊपर इकट्ठा होने वाले पानी को सावधानी से कलछुल की सहायता से निकलकर, उसमें थोड़ा सा देसी घी डालकर बच्चों को तरल आहार के रूप में दिया जा सकता है। यह तरल आहार बच्चों में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने में सहायक होता है।
2: चुकंदर का जूस– चुकंदर का जूस बनाने के लिए सबसे पहले चुकंदर को धो लेंगेl धोने के बाद उसके ऊपर के छिलके को हटा लेंगे, और छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ,उसे मिक्सर के जार में डालकर, उसमें थोड़ा पानी ,थोड़ी सी मिश्री, और कुछ बूंद नींबू का डालकर अच्छे से ग्राइंड कर लेंगेl और फिर मुलायम सफेद कपड़े में निकाल कर उसे छान लेंगे ।अगर मीठापन कम हो तो थोड़ा और मिश्री डालकर और बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिया जा सकता है ।चुकंदर का जूस बच्चों में विटामिन की कमी को दूर करने में सहायक होता है।
3: सब्जियों का सूप –सब्जियों का सूप बनाने के लिए अनेक प्रकार की सब्जियां प्रयोग में लाई जाती हैं। अलग-अलग सब्जियों का अलग-अलग सूप तैयार किया जा सकता है। और बच्चे को दिया जा सकता है ।जो उसकी पोषण के लिए प्रयुक्त होता है। मुख्यतः पालक, टमाटर ,गाजर, चुकंदर इत्यादि के सूप तैयार किए जाते हैं।
पालक का सूप तैयार करने के लिए सबसे पहले पालक के पत्तों को साफ करके पानी से धो लेंगे। और लंबे-लंबे टुकड़ों में काटकर बर्तन में डाल देंगे। और उसमें थोड़ा पानी डालकर अच्छे से उबल लेंगे। पालक के पत्तियों का रंग बदल जाए और वह एकदम पक जाए तब उसे निकाल कर अच्छे से निचोड़कर छान लेंगे ।और बचे हुए पानी को भी छननी की सहायता से छान लेंगे। उस पानी में स्वाद के अनुसार नमक जीरे का पाउडर( भुने हुए )और यदि बच्चा पिता हो तो दो-तीन बूंद नींबू के रस को डालकर चम्मच चलाकर बच्चों को पालक का सूप दिया जा सकता है। पालक का सूप बच्चों में आयरन की कमी को दूर करता है। इसी तरह से अन्य प्रकार के सब्जियों का भी सुख तैयार किया जा सकता है ।और सब्जियों का सूप बच्चों में अनेक प्रकार के विटामिन और मिनरल्स की कमी को दूर करने में सहायक होते हैं।
4: फलों का जूस– बच्चों को संतरा अंगूर ,अनार, सेब आदि के जूस दिए जा सकते हैं।
इन सभी तरल भोज्य पदार्थों को 6 महीने के पश्चात बच्चों को दिया जा सकता है। उससे उनका उचित पोषण होता है ।अतः 6 माह के पश्चात बच्चों को ऊपर से कुछ न कुछ आहार देना शुरू कर देना ही चाहिए ,जिससे कि उनके वृद्धि में किसी भी प्रकार की रुकावट ना हो ।


